कुछ अनकही सी …………!
उस आकाश की चाह क्यूँ जो कभी मेरा था ही नहीं ! उस ज़मीन के लिए उदासी क्यूँ जो कभी फैला ही नही !!
Tuesday, 12 November 2019
तन्हाई
वो हिज्र वो तन्हाई
वो आँखों के सैलाब की रुसवाई
तेरे इंतज़ार की शब किस मोड़ पर ले आई !!
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