कुछ अनकही सी …………!
उस आकाश की चाह क्यूँ जो कभी मेरा था ही नहीं ! उस ज़मीन के लिए उदासी क्यूँ जो कभी फैला ही नही !!
Sunday, 4 April 2021
तुम
अगर मेरे
अल्फाज तुम्हारी
रूह तक पहुँचते हैं तो
तुम्हे भी हमसे उतनी
मोहब्बत है
जितनी की मुझे तुमसे
तुम इज़हार करो या इंकार
सच का किनारा मिल जाएगा
तुम्हें तुम्हारे दिल से !!
$hweta
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment